8th Pay Commission – भारतीय रेलवे में कार्यरत लाखों रनिंग स्टाफ कर्मचारियों के लिए एक बेहद खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाले किलोमीट्रेज अलाउंस (KMA) में 25 प्रतिशत की वृद्धि को हरी झंडी दे दी है। इस निर्णय से विशेष रूप से लोको पायलट, ट्रेन गार्ड और अन्य रनिंग श्रेणी के कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
वित्त मंत्रालय की मुहर, AIRF ने की पुष्टि
सूत्रों के अनुसार, इस भत्ता वृद्धि को वित्त मंत्रालय द्वारा औपचारिक स्वीकृति प्रदान की गई है। देश के सबसे बड़े रेलवे कर्मचारी संगठन — ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) — ने भी इस खबर की पुष्टि की है।
AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने इस फैसले को कर्मचारियों की लंबी मेहनत और निरंतर संघर्ष का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री और वित्त मंत्रालय के साथ आयोजित विभिन्न बैठकों में यह मांग लगातार उठाई जाती रही थी, जिसके परिणामस्वरूप अब यह सकारात्मक निर्णय लिया गया है।
क्या होता है किलोमीट्रेज अलाउंस?
KMA यानी किलोमीट्रेज अलाउंस एक विशेष प्रकार का भत्ता है जो उन रेलवे कर्मचारियों को दिया जाता है, जिनका कार्य ट्रेन संचालन अथवा यात्रा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा होता है। इसमें मुख्यतः लोको पायलट और गार्ड शामिल हैं।
चूँकि ये कर्मचारी ड्यूटी के दौरान लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते हैं, इसलिए उन्हें सामान्य यात्रा भत्ता (TA/DA) नहीं दिया जाता। इसके बदले में उन्हें प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान किया जाता है। इसके अलावा एक न्यूनतम गारंटी राशि का प्रावधान भी है, जिससे किसी माह कम दूरी तय होने पर भी कर्मचारी को एक निर्धारित न्यूनतम राशि का भुगतान सुनिश्चित रहता है।
अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, KMA में यह संशोधित दर अप्रैल 2026 से प्रभावी हो सकती है। यानी आने वाले महीने से ही कर्मचारियों की तनख्वाह में इसका असर दिखने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि यह निर्णय तब आया है जब महंगाई भत्ता (DA) 50 प्रतिशत की सीमा के करीब पहुंच चुका है। सरकारी नियमों के अनुसार, डीए की एक निश्चित सीमा पार होने पर अन्य भत्तों में भी आनुपातिक संशोधन किया जाता है। इसी नीति के तहत KMA में यह बढ़ोतरी की गई है।
जानिए कितनी बढ़ेगी मासिक आय
25 प्रतिशत की यह वृद्धि कर्मचारियों की जेब पर सीधा और सकारात्मक असर डालेगी। इसे एक सरल उदाहरण से समझा जा सकता है:
| स्थिति | राशि (अनुमानित) |
|---|---|
| पहले का KMA | ₹10,000 प्रति माह |
| 25% वृद्धि के बाद | लगभग ₹12,500 प्रति माह |
| मासिक अतिरिक्त लाभ | ₹2,500 |
हालाँकि, यह राशि हर कर्मचारी के लिए एकसमान नहीं होगी। यह इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित कर्मचारी एक माह में कितने किलोमीटर की ड्यूटी करता है।
8वें वेतन आयोग से पहले सकारात्मक संकेत
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब देशभर में 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं। जानकारों का मानना है कि KMA में की गई यह बढ़ोतरी आगामी वेतन संशोधनों का एक सकारात्मक संकेत है। साथ ही यह भी संभावना जताई जा रही है कि निकट भविष्य में अन्य भत्तों और वेतन संरचना में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
अभी आधिकारिक आदेश का इंतजार
फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक सरकारी अधिसूचना जारी होना बाकी है। जैसे ही औपचारिक आदेश जारी होगा, लाखों रेलवे कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। रेलवे कर्मचारी संगठन भी इस आदेश की प्रतीक्षा में हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि यह अप्रैल की सैलरी के साथ ही लागू हो जाएगा।









