अब खरीदी हुई ज़मीन की रजिस्ट्री हो सकती है कैंसिल, नया नियम हुआ लागू | Property Registry New Rule

By Shreya

Published On:

Property Registry New Rule – अगर आप इस साल जमीन या मकान खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम आएगी। केंद्र सरकार ने संपत्ति रजिस्ट्रेशन की पूरी व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव किया है। वर्ष 2026 से लागू हो रहे इन नए नियमों के तहत अब जमीन की खरीद-फरोख्त पहले से कहीं अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक-आधारित होगी। इन बदलावों की जानकारी न रखने वाले लोगों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

Join WhatsApp
Join Now

क्यों लाए गए नए नियम?

दरअसल, वर्षों से जमीन-जायदाद के मामलों में फर्जी दस्तावेज, बेनामी संपत्ति और दलालों की मनमानी आम बात रही है। हजारों परिवार अपनी जमा-पूंजी लगाकर संपत्ति खरीदते हैं, लेकिन बाद में धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। इसी खामी को दूर करने के लिए सरकार ने रजिस्ट्री की पूरी प्रणाली को नए सिरे से तैयार किया है। नए नियमों का मकसद साफ है — जमीन से जुड़े हर लेनदेन का पक्का डिजिटल रिकॉर्ड बनाना और किसी भी विवाद की स्थिति में त्वरित जांच को संभव बनाना।


अब दफ्तरों के नहीं काटने होंगे चक्कर

नई व्यवस्था के अंतर्गत रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। खरीदार और विक्रेता दोनों को अपने सभी दस्तावेज सरकारी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे और डिजिटल हस्ताक्षर के माध्यम से रजिस्ट्री संपन्न की जाएगी। रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही डिजिटल प्रमाणपत्र तत्काल जारी कर दिया जाएगा, जो सरकारी पोर्टल पर सुरक्षित रहेगा। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि मध्यस्थों की भूमिका भी सीमित हो जाएगी।

यह भी पढ़े:
रिटायरमेंट उम्र में 2 साल की बढ़ोतरी, जानें क्या है पूरा अपडेट – Retirement Age Update

आधार और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य

नए नियमों में एक बेहद अहम प्रावधान यह है कि संपत्ति खरीदने और बेचने वाले दोनों पक्षों को अपना आधार कार्ड लिंक कराना अनिवार्य होगा। साथ ही, बायोमेट्रिक जांच भी करानी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रजिस्ट्री केवल असली और सही व्यक्ति के नाम पर हो। इस कदम से बेनामी संपत्तियों पर लगाम लगेगी और यह भी स्पष्ट होगा कि किसी एक व्यक्ति के नाम पर कितनी संपत्तियां दर्ज हैं।


रजिस्ट्री के दौरान होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रजिस्ट्री की प्रक्रिया के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग को अनिवार्य कर दिया है। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों और कमजोर तबके के लोगों को राहत देगी, जिनकी संपत्ति पर अक्सर अनैतिक दबाव डालकर कब्जा किया जाता था। यह रिकॉर्डिंग भविष्य में किसी कानूनी विवाद की स्थिति में ठोस सबूत के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है।


स्टांप ड्यूटी और फीस का भुगतान सिर्फ ऑनलाइन

अब स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम — नेट बैंकिंग, यूपीआई या डेबिट कार्ड से किया जाएगा। नकद लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगेगी। इससे भ्रष्टाचार और मनमाने तरीके से की जाने वाली वसूली पर प्रभावी अंकुश लगेगा और हर भुगतान का पक्का ऑनलाइन रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा।

यह भी पढ़े:
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव, जानें पूरी डिटेल – LPG Price Update 2026

इन कारणों से हो सकती है रजिस्ट्री रद्द

नए प्रावधानों के तहत यदि रजिस्ट्री में कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो उसे निरस्त किया जा सकता है। जाली दस्तावेज, भ्रामक जानकारी, पारिवारिक विवाद या वित्तीय अनियमितता इसके प्रमुख आधार होंगे। इसलिए रजिस्ट्री से पहले सभी कागजात की बारीकी से जांच करना और कानूनी विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।


रजिस्ट्री के लिए इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य होंगे:

  • टाइटल डीड (संपत्ति का मालिकाना प्रमाण)
  • सेल डीड (बिक्री अनुबंध)
  • संपत्ति कर की रसीद
  • आधार कार्ड (खरीदार और विक्रेता दोनों का)
  • पैन कार्ड

इनमें से किसी भी दस्तावेज में कमी होने पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया रुक सकती है।

यह भी पढ़े:
महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! लाड़की बहिन योजना से हर महीने मिलेगी आर्थिक सहायता Ladli Behna New Installment

विशेषज्ञों की राय

संपत्ति कानून के जानकारों का मानना है कि ये बदलाव भले ही शुरुआत में कुछ लोगों को जटिल लगें, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टि से यह आम नागरिक के हित में हैं। अब लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहेगी और अदालतों में लंबित जमीन विवादों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

Leave a Comment